हे ईश्वर!
कुछ दिनों से जब-जब समाचार पढ़ता हूँ,
रोज सुबह दिल भर आता है.
उत्तराखंड की तस्वीरें और खबरें पढ़ कर.
ये क्या है ईश्वर?
जिन लोगों ने तुमको सदियों से पूजा, विश्वास किया.
उन लोगों के साथ ही विश्वासघात;
तुम मानव कब बन गए पता ही नहीं चला.
कोरिया की कारिस्तानी
नोर्थ कोरिया पागल हो रिया है।
पिद्दी पहलवान ने,
एटम बम हाथ में ले लिया है।
और शौक है जिसे लड़ने का,
उस अमेरिका को,
कितना बढिया मौका दिया है।
वियतनाम, इराक,
अफगानिस्तान के किस्से,
किम जोंग-इल का बेटा, लगता है भूल गिया है।
तभी तो दुनिया को फिर शीत युद्ध में झौंक कर,
अपनी उल्टी भ्रष्ट बुद्धि दिखा रिया है.
पिद्दी पहलवान ने,
एटम बम हाथ में ले लिया है।
और शौक है जिसे लड़ने का,
उस अमेरिका को,
कितना बढिया मौका दिया है।
वियतनाम, इराक,
अफगानिस्तान के किस्से,
किम जोंग-इल का बेटा, लगता है भूल गिया है।
तभी तो दुनिया को फिर शीत युद्ध में झौंक कर,
अपनी उल्टी भ्रष्ट बुद्धि दिखा रिया है.
सड़ता अनाज
कोई तो खेतों से काकभगोड़ा निकाले,
या दे दाने चिड़िया को,
उस गेहूँ का, उस चावल का,
जो हर साल सड़ता गोदामों में।
या बनता फिर शराब,
परोसा जाता मयखानों में।
कोई तो झोपड़े-फुटपाथों से भूख भगाए.
या दे दाने उन इन्साओं को,
जिन पर है उनका नाम लिखा।
या दे दाने चिड़िया को,
उस गेहूँ का, उस चावल का,
जो हर साल सड़ता गोदामों में।
या बनता फिर शराब,
परोसा जाता मयखानों में।
कोई तो झोपड़े-फुटपाथों से भूख भगाए.
या दे दाने उन इन्साओं को,
जिन पर है उनका नाम लिखा।
जन्मदिन मुबारक अटलजी
अटलजी को उनके ८८वे जन्मदिवस पर बहुत बहुत शुभकामनाएँ...
ईश्वर उनको दीर्घायु और सुखी एवं स्वास्थवर्धक जीवन प्रदान करें..
अटलजी की कुछ कविताएँ कभी भी पढ़ लो बेहद समसामायिक(relevant) लगती हैं.
जैसे ये:
कौरव कौन, कौन पांडव
कौरव कौन
कौन पांडव,
टेढ़ा सवाल है|
दोनों ओर शकुनि
का फैला
कूटजाल है|
धर्मराज ने छोड़ी नहीं
जुए की लत है|
हर पंचायत में
पांचाली
अपमानित है|
बिना कृष्ण के
आज
महाभारत होना है,
कोई राजा बने,
रंक को तो रोना है|
-अटल बिहारी वाजपेयी
ईश्वर उनको दीर्घायु और सुखी एवं स्वास्थवर्धक जीवन प्रदान करें..
अटलजी की कुछ कविताएँ कभी भी पढ़ लो बेहद समसामायिक(relevant) लगती हैं.
जैसे ये:
कौरव कौन, कौन पांडव
कौरव कौन
कौन पांडव,
टेढ़ा सवाल है|
दोनों ओर शकुनि
का फैला
कूटजाल है|
धर्मराज ने छोड़ी नहीं
जुए की लत है|
हर पंचायत में
पांचाली
अपमानित है|
बिना कृष्ण के
आज
महाभारत होना है,
कोई राजा बने,
रंक को तो रोना है|
-अटल बिहारी वाजपेयी
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